एक गज़ल गंज्यळि दलेदर ब्वाडा का नौ (गज़ल)
************************
**************************
द बब्बा ! धौ संदकै बच्यूं छौं,अभि तलक ।
जैर-मुण्डरळ छक्वै तच्यूं छौं,
अभि तलक ॥
हैड़-हैड़ दुखणा छनहडकि बिनाणि छन ।
ग्वाठक मुंग्रल सि छक्वै थिच्यूं छौं,अभि तलक ॥
चुनमंडि पींदा-पींदा,गाळु उबै ग्याइ ।
माछौं कु सुर्रा पीणु गिज्यूं छौं,अभि तलक ॥
फलगट झाड़िक,लीसू निचोड़िक चलगीं ।
सरकरि कुळैं सि लिच्छ्यूं छौं,अभि तलक ॥
सर्या दिनमान खंतिड़ि-रजै
पुटुग फग्वसै ग्यौं ।
पस्यौ मा कतल कैकि भिज्यूं छौं,अभि तलक ॥
अब त खुटा भि
खटुला से भैर ह्वैगीं ।
पलासटिका पल्यूड़ सि खिच्यूं छौं,अभि तलक ॥
द्विया खुटि तिथांण म
रंगुणु चटणि छन ।
पर ग्वेर छ्वारों जन बिग्च्यूं छौं,अभि तलक ॥

पयाश पोखड़ा

+91 92132 27970

PUBLICIZED BY उत्तराखंड की लगूली