"एक गज़ल तुमरा नौ" (गज़ल)
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मि त सुदि-सुदि बरैनाम खड़ु कर्यूं छौं ।
म्वाळा कु सि माद्यौ म्वार फर धर्यू छौं ॥
म्वाळा कु सि माद्यौ म्वार फर धर्यू छौं ॥
कबरि-कबरि झळ्कां मी जनै भि द्यख्दा ।
द तुमर भांवल मि ज्यूंदु छौं कि म्वर्यूं छौं॥
द तुमर भांवल मि ज्यूंदु छौं कि म्वर्यूं छौं॥
पोर-परार बटैकि मि हैंसण बिसिर ग्यौं।
गाळ-गाळ तक भारी असंदल भ्वर्यूं छौं॥
गाळ-गाळ तक भारी असंदल भ्वर्यूं छौं॥
खिर्तू द्यखणा से पैलि कुजगा बैठि ग्यौं।
मि अपणै गुठ्यारा की गौ कु मर्यूं छौं ॥
मि अपणै गुठ्यारा की गौ कु मर्यूं छौं ॥
जैं बिसगीं नयरि फट्यळु लगाणा छवा ।
वीं नयरि थैं बसगाळम कत्गै दां तर्यूं छौं॥
वीं नयरि थैं बसगाळम कत्गै दां तर्यूं छौं॥
गौं कु डबळांदु बाटो आंसु थामि ब्वळ्दा।
नि कुरचदा क्वी, मि भलिकै स्वर्यूं छौं॥
नि कुरचदा क्वी, मि भलिकै स्वर्यूं छौं॥
चौपड़-चौसर कौड़ि सदनि जितणु रौं ।
पर जिदंगि कु जुआ 'पयाश' मा हर्यूं छौं॥
पर जिदंगि कु जुआ 'पयाश' मा हर्यूं छौं॥
पयाश पोखड़ा
+91 92132 27970
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