"द त्यारा भांवल त"(छोड़ तेरी बला से) (गज़ल)
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मि कब साठ साल कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ।
मि कब माट ताळ कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
मि कब माट ताळ कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
त्यारा गांवा का बाटों थैं, कुरचदा- कुरचदा ।
मि कब गौं गाळ कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
तू सदनि मेरि मयळ्दु माया,म्वळ्याणि रैई ।
मि कब उधार पगाळ कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
मि कब उधार पगाळ कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
सुपिन्यौं का पल्या छाल,तु भि बैठीं रैंदि ।
मि कब वल्या छाल कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
मि कब वल्या छाल कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
माया मम्ता पियार पिरेम,सबि कुछ त त्वैमा ।
मि कब जैर दूधिबाळ कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
मि कब जैर दूधिबाळ कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
तुम बसगळ्या बणदर्यूं मा,चखुला सि छपत्वळ्यौ ।
मि कब ढाळ पंदाळ कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
मि कब ढाळ पंदाळ कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
'पयाश' गाणि करदा रै ग्याइ,द्यखणा की ।
मि कब वै तूनाखाल कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
द त्यारा भांवल त ॥
मि कब वै तूनाखाल कु ह्वै ग्यौं--द त्यारा भांवल त ॥
द त्यारा भांवल त ॥
पयाश पोखड़ा
+91 92132 27970
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