"निगुसैं करा" (गज़ल)
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औंस्या रात्यूं मा भि जळ्यूं  छाई 
पर दूर कखि एक द्यू बळ्यूं  छाई 
 वैल बताई मिल कुछ चिताई 
पर वैकु सर्य्या सरैळ कळ्यूं  छाई 
गरम-गरम लाल धत्कार भैर बटैकि 
पर भितनां नौंणि जनु गळ्यूं  छाई 
कोच यो कैल भि गिच्चु नि ख्वालु 
पर वो ट्वक्वरा खैकि पळ्यूं  छाई 
बिना वीरों की भि जंदरि रिटणी राया 
पर ग्यूं दगड़ घूण जनु रळ्यूं  छाई 

पयाश पोखड़ा

+91 92132 27970

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