त्यारा गौं मा (गज़ल)
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भितरौं-भितरौं म्वाड़ा म्वर्यां ह्वाला, ब्वलेंद त्यारा गौं मा ।
चौछ्वड़ि काण्डा-क्याड़ा धर्यां ह्वाला,ब्वलेंद त्यारा गौं मा ॥
आस छे, उज्यळु छ्याई, हैंसि-खुसि छे ब्याळि तक ।
आज निरसा अंध्यरा भ्वर्यां ह्वाला, ब्वलेंद त्यारा गौं मा ॥
मेरि दीदी, तेरि भुलि, काकि-बोडी अर पिठल्वठ्या भै ।
बाटाउंद रिस्ता-नाता स्वर्यां ह्वाला,ब्वलेंद त्यारा गौं मा ॥
तेरि आख्यूं मा पाणि बूंद अब किळै 
नि चिफळेन्दी ।
"पयाश" देखिकि आंसु डर्यां ह्वाला, ब्वलेंद त्यारा गौं मा ॥
मुछ्यळा मुंजिगीं सबि मवस्यूं का पर धुवांरोळ हुईं चा ।
सबुका चौदा करम कर्यां ह्वाला, ब्वलेंद त्यारा गौं मा ॥

पयाश पोखड़ा

+91 92132 27970

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